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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पद से हटाने के लिए कोर्ट में याचिका हुई दाखिल, जानिए पीछे का कारण!

हर किसी देश को चलाने के लिए एक ईमानदार नेता का होना बहुत आवश्यक होता है क्योंकि तभी वह देश विकास की सीढ़ियों पर चड़ता है लेकिन आज के समय में ऐसे बहुत से लोग भी हैं जो केवल अपनी बड़ी बड़ी इमारतें बनाने के मकसद से राजनीति में आते हैं उनकी वजह से अपना काम सही से करने वालों की भी छवि पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

एक देश में कई राज्य होते हैं ऐसा ही कुछ भारत में भी है जहाँ क्षेत्रों को उनकी परम्परा, भाषा और संस्कृती के आधार पर बाँट दिया गया जिनको बाद में राज्य का नाम दे दिया गया था.

हर एक राज्य का होता है अपना मुख्यमंत्री 

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प्रत्येक राज्य को प्रेजेंट करने के लिए एक प्रतिनिधि का चुनाव किया जाता है जिसे हम मुख्यमंत्री के नाम से जानते हैं. लोगों की सभी समस्याओं को सुलझाने और लोगों की सहायता करने में मुख्यमंत्री अपना महत्वपूर्ण योगदान निभाता है. हर राज्य के अलग अलग एरियों को देखने के लिए मुख्यमंत्री के कुछ सहायक होते हैं जिनको हम निगम पार्षद के नाम से जानते हैं. हालही में ऐसे ही एक राज्य के मुख्यमंत्री को लेकर आई खबर ने लोगों के होश उड़ा रखें हैं आइये आपको बताते हैं आखिर क्या पूरा मामला.

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर आई ये खबर

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर एक ऐसी हैरतअंगेज खबर आई है जिसने उनको चिंता में डाल दिया है. दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी को समन भेजा है जिसमें पूछा कि योगी आदित्यनाथ एक साथ मुख्यमंत्री और सांसद कैसे रह सकते हैं इतना ही नहीं बल्कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को लेकर भी सवाल उठाये हैं. एक समाजसेवी ने इन दोनों के खिलाफ हाई कोर्ट में अधिनियम 1959 के प्रावधानों का हवाला दिया है और मांग की है कि यूपी के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री केवल सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं और लोगों के लिए कोई काम नहीं कर रहे हैं उनको पद से हटा दिया जाए.

रोज बढ़ती जा रही हैं यूपी में बलात्कार और गुंडागर्दी की घटनाएँsource

समाजसेवी संजय शर्मा का कहना है कि जब योगी मुख्यमंत्री बने थे तब से लेकर आज तक न तो महिलाओं और लड़कियों से छेड़छाड़ और बलात्कार की घटनाओं में कोई कमी देखने को मिली है और न ही बढ़ते जा रहे गुंडागर्दी और हत्या के मामलों में कोई कमी देखने को मिली है. जिस तरह से सीएम योगी ने चुनाव के दौरान जो वायदे किये थे उनपर बिलकुल भी खरे नहीं उतरे हैं. अपराध घटने की वजाय अब भगवा गुंडों का जन्म हो गया है. आज भी यूपी कि महिलायें घर से निकलने में डरती हैं.

नोट: दोस्तों क्या सीएम योगी अपने पद का ग़लत इस्तेमाल कर रहे है? हमे अपनी राय नीचे कमेंट कर जरुर दे और इस खबर को भी शेयर करे.

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