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सरकार को 4 साल होने के बादभी नही आए खाते में 15 लाख तो लोगों ने RTI में मांगा प्रधानमंत्री से जवाब

प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनावों में झूठा दावा किया था की वो देश के हर नागरिक के अकाउंट में 15 लाख रूपए जमा करवाएंगे जिसे बाद में खुद अमित शाह ने ही जूमला करार दिया| लेकिन एक बार फिर ये मामला सुर्खिया बटोर रहा है| इस मुद्दे पर एक व्यक्ति ने आरटीआई फाइल कर जवाब माँगा था जिसका जवाब पीएमओ ने दिया|source

हालाँकि जवाब आएगा इसकी उम्मीद थोड़ी कम ही थी लेकिन पीएमओ की तरफ से जवाब दिया गया है| आरटीआई के तहत जानकारी मांगने वाले व्यक्ति ने जानने की कोशिश की थी वो 15 लाख रूपए किस दिन ट्रान्सफर करेंगे|

पीएमओ के जवाब ने सब कुछ साफ़ कर दिया

जनता अब भी बेताब है की प्रधानमन्त्री कब अपना 15 लाख का वादा पूरा कर रहे है जिसके लिए मांगी गयी जानकारी पर प्रधानमन्त्री का जवाब आया है| PMO ने केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) से कहा है कि यह RTI ऐक्ट के तहत कोई सूचना नहीं है इसलिए इसकी जानकारी या जवाब नहीं दिया जा सकता है।

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आरटीआई आवेदक मोहन कुमार शर्मा ने नोटबंदी के करीब 18 दिनों बाद प्ली दाखिल कर जानकारी मांगी थी जिसका जवाब अब आया है| सुनवाई के दौरान शर्मा ने मुख्य सूचना आयुक्त आरके माथुर को बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और रिजर्व बैंक की ओर से पूरी जानकारी नहीं दी गई।

क्या यह जवाब संतोषजनक है?source

जनता यह तो जानती है की पैसे बैंक अकाउंट में नही डाले जायेंगे लेकिन इसके बावजूद जब आरटीआई फाइल कर के जवाब माँगा जाता है तो जवाब सुनने की तलब पूरे देश को रहती है| माथुर ने बताया,

‘PMO ने कहा है कि … उनके द्वारा मांगी गई जानकारी आरटीआई ऐक्ट के सेक्शन 2 (F) के तहत सूचना की परिभाषा में नहीं आती है।’

आरटीआई ऐक्ट के सेक्शन 2 (F) के तहत सूचना का मतलब कोई भी सामग्री होती है जो रेकॉर्ड्स, दस्तावेज, मेमोज, ईमेल्स, राय, सलाह, प्रेस रिलीज, सर्कुलर्स, ऑर्डर्स, लॉगबुक्स, रिपोर्ट्स, पेपर्स, नमूने, मॉडल्स, डेटा के तौर पर होती है। मुख्य सूचना आयुक्त माथुर ने कहा कि PMO और RBI के जवाब संतोषजनक हैं।

नोट: आने वाले चुनावों के लिए क्या यह जवाब जनता के लिए संतोषजनक है? अपना जवाब हमे जरूर बताये!

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