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वजुभाई वाला: RSS से लेकर कर्नाटक के राज्यपाल बनने तक का पूरा सफ़र, जहाँ नज़र आती हैं बीजेपी भक्ति

कल तक जहाँ सब ये मान कर चल रहे थे की कांग्रेस जेडीएस के साथ मिलकर सरकार बना लेगी वही अब पासा पलटता हुआ नज़र आ रहा है| बहरहाल, हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता उदय चोपरा ने कर्नाटक चुनाव को लेकर एक ट्वीट किया जिसमे उन्होंने दावा किया की कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला का बीजेपी से एक पुराना रिश्ता है| इस ट्वीट पर कुछ लोगो ने उन्हें लूज़र कहा और ट्रोल किया|

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“गूगल पर सर्च किया और पाया कि कर्नाटक के गवर्नर बीजेपी से हैं” 

चोपड़ा ने ट्वीट कर कहा ‘मैंने अभी तुरंत गूगल पर सर्च किया और पाया कि कर्नाटक के गवर्नर बीजेपी से हैं और आरएसएस से भी संबंध रखते हैं, ऐसे में अब हम सब यह बात जानते हैं कि राज्य में क्या होने वाला है।’ इसके बाद से ही सोशल मीडिया के एक धड़े ने उनकी खिल्ली उड़ानी शुरू की|

लेकिन इस ट्वीट ने वाकई कई पत्ते खोल दिए है और जाहिर कर दिया है की राज्य में क्या होने वाला है| जब राज्यपाल वजुभाई वाला के अतीत में देखा गया तो उनका बीजेपी से एक गहरा और पुराना रिश्ता निकला|

वजुभाई वाला, भाजपा के वरिष्ठ नेताओ में से एक

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला गुजरात भाजपा के वरिष्ठ नेताओ में से एक रहे है|अपने कार्यकाल में वे गुजरात में वित्त मंत्रालय के साथ साथ अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय सम्भाल चुके है| 79 वर्षीय वजुभाई गुजरात विधानसभा के स्पीकर भी रह चुके है| राजनीति में सबसे लम्बी पारी वजूभाई खेल चुके है| भाजपा में दो बार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके वजुभाई, सबसे लम्बे समय तक वित्त मंत्री रहे थे जो की एक रिकॉर्ड है| इस दौरान उन्होंने 18 बजट पेश किये थे|{साल 2012 में गुजरात विधानसभा का सभापति बनने के बाद विधायकों का अभिवादन करते वजुभाई वाला} 

2014 में वे कर्नाटक के राज्यपाल नियुक्त किये गये थे| लेकिंन इससे पहले वे साल 2012 में गुजरात विधानसभा के सभापति थे| वित्त मंत्रालय के अलावा उनके पास राजस्व और शहरी विकास मंत्रालय भी रह चुके है|

इतना ही नहीं, वजुभाई ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुवात आरएसएस से की थी| 1971 में गुजरात में जनसंघ पार्टी के स्न्थापक सदस्यों में एक थे| पिछले 57 वर्षो से वे आरएसएस से जुड़े हुए है|

वजुभाई का नरेन्द्र मोदी कनेक्शन

गुजरात के कद्दावर नेता वजुभाई को नरेन्द्र मोदी का सबसे करीबी माना जाता है क्योकि मोदी को मुख्यमंत्री से प्रधानमन्त्री बनाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी| साल 2002 में जब मोदी अपना पहला चुनाव लड़ने वाले थे तब वजुभाई ने राजकोट की अपनी परम्परागत सीट मोदी को दे दी थी| लेकिन विधानसभा चुनाव मोदी मणिनगर से लड़ने चले गये|source

इसके अलावा खबरे यह भी कहती है की जब मोदी प्रधानमन्त्री बनने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे रहे थे तो सबसे पहले वजुभाई का नाम ही सामने आया था, लेकिन बाद में आनंदीबेन पटेल को मुख्यमंत्री बनाया गया|

नोट: दोस्तों क्या इसी कनेक्शन के चलते कर्नाटक चुनाव में राज्यपाल ने भेदभाव कर बीजेपी को सरकार बनाने का मौका दिया? हमे पनी राय नीचे कमेंट कर जरुर दें और इस खबर को भी शेयर करे.

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