≡ Menu

बाहुबली अमनमणि की शिकायत लेकर आया फरियादी तो योगी ने न्याय की जगह किया ये हाल

जनता अपने मुखिया को मुख्यमंत्री की शक्ल में इसलिए चुनती हैं ताकि उसका वो मुखिया उसकी परेशानियों को दूर करेगा. अपनी जनता की परेशानी सुनने के लिए ही हाल ही में जनता दरबार लगाने का चलन बढ़ चला है.

योगी के जनता दरबार में फफक-फफक कर रोया फरियादी

लेकिन आज जनता दरबार जनता की परेशानी कम और राजनेताओं की रणनीति ज्यादा हो चला है. इसी का उदाहारण हाल ही में उस वक्त देखने को मिला जब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में एक फरियादी फफक-फफक कर रो पड़ा.

लखनऊ से फ़रियाद लेकर आया था युवक

जी हाँ गोरखपुर में योगी ने जनता दरबार यूँ तो जनता की गुहार सुनने के लिए लगाया था जिसमें न्याय की उम्मीद लिए अपनी अर्जी लेकर आयुष सिंघल नाम का एक मजबूर व्यक्ति लखनऊ से आया.

विधायक अमनमणि त्रिपाठी के अत्याचारों से परेशान होकर मदद के लिए पहुंचा था सीएम के पास

फरियादी आयुष सिंघल का कहना था कि उन्होंने 5 साल पहले लखनऊ के अलीगंज में 22 एकड़ जमीन खरीदी थी. जिसपर अब पूर्व बाहुबली मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के दबंग विधायक बेटे अमनमणि त्रिपाठी ने कब्जा कर लिया है.

पेशे से व्यापारी आयुष सिंघल ने ये आरोप लगाया है कि,

“अमरमणि त्रिपाठी और उनके बेटे अमनमणि त्रिपाठी ने उनकी अलीगंज स्थित 22 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है. साल 2012 में आयुष ने इस जमीन की रजिस्ट्री कराई थी.”

न्याय की जगह योगी ने किया अपमान

जब आयुष सिंघल को कही से न्याय नही मिला तो गोरखपुर में जनता दरबार में वो मुख्यमंत्री योगी के पास अपना पूरा मामला लेकर न्याय मांगने पहुंचे, लेकिन जैसे ही उन्होंने सीएम साहब को अपना पूरा मामला बताना शुरू किया, तो वह फरियादी पर ही भड़क उठे.

फरियादी आयुष सिंघल का आरोप है कि,

“सीएम योगी आदित्यनाथ आयुष की पूरी बात सुनने के बजाए फाइल फेंककर कोई कार्रवाई नहीं होने की बात कह दी.”

आप वीडियो में खुद देखें योगी के दरबार से रो-रो कर कैसे लौटा फरियादी:-

आयुष की माने तो वो कई दफा पहले भी सीएम के जनता दरबार में अपनी फरियाद लेकर जा चुके हैं. जिसमे बाद सीएम ने लखनऊ SSP को जांच के आदेश दिए थे, लेकिन फरियाद के एक महीने बाद भी मामले में पुलिस द्वारा कोई उचित कार्रवाई नहीं होने पर वह फिर सीएम से मिलने पहुंचे थे, जहाँ सीएम साहब ने उनकी उम्मीद तार-तार कर दी.

कौन है अमनमणि त्रिपाठी,,?

*-जानकारी के लिए बता दें कि अमनमणि त्रिपाठी यूपी के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे और यूपी के नौतनवां विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक हैं.

*-अमनमणि पर अपनी ही पत्नी सारा की हत्या का आरोप भी लगा है.

*-याद हो तो दोनों शादी कर 9 जुलाई, 2015 को अपनी कार से दिल्ली आ रहे थे.

*-लेकिन फिरोजाबाद जिले सिरसागंज थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे नंबर-2 पर उनकी कार का एक एक्सीडेंट हो गया था जिसमें मौके पर ही सारा की मौत हो गई थी, लेकिन अमनमणि को खरोंच तक नहीं आई थी.

*-जिसके बाद ही मृतक सारा के घरवालों ने दुर्घटना की स्थिति को देखते हुए सारा की हत्या किए जाने की आशंका जताई थी.

*-उसके बाद अमनमणि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी.

*-FIR दर्ज होने के बाद वो फरार हो गये थे लेकिन बाद में भारी दबाव के बीच पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेजना ही पड़ा था.

जनता अपने आंसुओं का जवाब चुनाव में देगी

ऐसे में जब फरियादी आयुष सिंघल ने उसी अमनमणि पर आरोप लगाए तो सीएम योगी द्वारा उन्हें जिस तरह न्याय देने की बजाय अपमानित किया गया उससे योगी को आने वाले वक्त में वोट मिल भी जाए लेकिन उन वोटों में शायद आयुष का वोट शामिल नहीं होगा.

नोट: दोस्तों जब रक्षक ही जनता की सबसे बड़ी परेशानी बन जाए तो जनता किसके पास जाए? हमे अपनी राय नीचे कमेंट कर जरुर दें और इस खबर को शेयर भी करे.

Related Posts

{ 0 comments… add one }

Leave a Comment