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पीएम मोदी की 10 विफलताएं जिसने उन्हें अबतक का सबसे नाकामियाब प्रधानमंत्री बना दिया

26 मई को मोदी सरकार अपने 4 साल पूरे कर रही है जिस वो एक जश्न के तौर पे मनाएगी और अपनी उपलब्धियों का गुणगान भी करेगी| लेकिन वही दूसरी तरफ कांग्रेस इसे ‘विश्वासघात दिवस’ के तौर पे मनाएगी| अपने कार्यकाल के दौरान मोदी सरकार ने कई योजनाये लागू की कई बड़े फैसले लिए|

लेकिन अगर मोदी सरकार की नाकामियों को गिने तो वो मोदी सरकार की उपलब्धियों पर ज्यादा भारी पडती है| आईये जानते है कहा रही मोदी सरकार विफल:

पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे है source

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम ने इस देश की कमर तोड़ कर रख दी है| सत्ता में आने से पहले मोदी सरकार कहती रही है की वो सरकार बनाते ही पेट्रोल और डीजल के दाम कांग्रेस इ सरकार से भी कहीं गुना कम कर देगी| लेकिन ऐसा अब तक नही हुआ| हैरानी की बात तो यह है की अन्तराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत कम है जबकि भारत में इसका दाम दिनों दिन बढ़ रहा है| महाराष्ट्र के परभणी में 24 मई को पेट्रोल 87.27 रूपए प्रतिलीटर बिक रहा था| यानी मोदी सरकार महंगाई कम करने में विफल रही|

कश्मीर घाटी में अशांति बरकरार source

सत्ता में आने से पहले पाकिस्तान और कश्मीर मोदी सरकार सबसे बड़ा हथियार था जिसके बलबूते उसने वोट हासिल करने में कामयाबी हासिल की| लेकिन अब क्या? कश्मीर में अशांति और हिंसक माहौल दिन ब दिन बढ़ रहा है| कश्मीर में पत्थरबाज़ और आतंकी गतिविधिया अब भी सक्रिय है| इस मामले में मोदी सरकार इसलिए भी निशाने में है क्योकि पीडीपी के साथ गठबंधन कर जम्मू कश्मीर राज्य में वो शांति का माहौल नही बना पायी है|

पकिस्तान के मुद्दे पर भटक गयी मोदी सरकारsource

जैसा की हमने अभी अभी कहा की मोदी सरकार के निशाने पे पकिस्तान हमेशा से ही रहा है| लेकिन अभी तक मोदी सरकार कोई ख़ास रणनीति नही बना पायी है जिसके बलबूते वो सीमा पर हो रहे सीजफायर को रोक सके| सीजफायर उल्लंघन में लगातार कई लोग और आर्मी के नौजवान मारे जाते है| हालाँकि मोदी सरकार इसके जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक करवाए जाने का दावा करती आई है लेकिन इससे भी कोई खास फर्क नही आया है| कुछ लोगो का कहना है की मोदी सरकार अपने वादे और पाकिस्तान के मुद्दे से भटक गयी है जो वह 2014 में जनता से किया करती थी|

कालेधन पर सरकार का दावा बन गया जुमलाsource

याद कीजिये 2014 का लोकसभा चुनाव, मोदी अपना कोई भी भाषण बिना काले धन के ज़िक्र के नही देते थे| अपने हर भाषण में नरेन्द्र मोदी यही कहते थे की जब वो सत्ता में आयेगी तो विदेशो में जमा काला धन वापस भारत लेकर आएगी| और वो काला धन इतना होगा की सभी के अकाउंट में 15 लाख रूपए डाले जायेंगे| मोदी के इस बात ने लोगो के अंदर जोश भर दिया की वाकई ऐसा होगा| लेकिन आज भी लोग पूछते है की ‘क्या हुआ तेरा वादा?’|

नोटबंदी का कोई फायदा नही हुआsource

देखा जाए तो नोटबंदी से इस देश की अर्थव्यवस्था में कोई बदलाव नही आया| मोदी सरकार ने जिस हिम्मत से अचानक से नोटबंदी इस देश में करवाई थी उससे सिर्फ और सिर्फ आम जनता को ही तकलीफ उठानी पड़ी थी| कई लोगो की इस दौरान मौत भी हो गयी| भारतीय रिज़र्व बैंक भी यह कह चूका है की देश में मौजूद 99 फीसदी पुराने नोट उसके पास वापस आ गये है| इसका मतलब मार्किट में फैले जाली नोट और देश में छुपे काले धन का क्या हुआ किसी को नही पता| नोटबंदी से भ्रष्टाचार में कोई कमी नही आई|

नमामि गंगे परियोजना का कुछ अता पता नहीsource

प्रधानमन्त्री ने काफी उत्सुकता दिखाते हुए नमामि गंगे परियोजना शुरू करी थी और इसमें 20,000 करोड़ रूपए का बजट भी दिया था| इसका लक्ष्य 5 साल का रखा गया था| अब नज़र डालते है मिनिस्ट्री ऑफ वॉटर रिसोर्सेज के डाटा पर| सरकार द्वारा 12 हज़ार करोड़ देने की बात कही गयी है जिसमे से वास्तव में केवल 5378 करोड़ रूपए ही दिए गये| इसमें से केवल 3633 करोड़ रूपए खर्च के लिए निकाले गये और वास्तव में 1836 करोड़ 40 लाख रुपये ही खर्च हुए| अब आप खुद ही अंदाजा लगा लीजिये की किस गति से विकास हो रहा है और कैसे हो रहा है|

नोट: क्या इन विफलताओ को देखते हुए जनता मोदी सरकार पर दोबारा भरोसा कर पायेगी? क्या इस बार मोदी लहर में वो दम रहेगी? आपका क्या विचार है? हमे नीचे कमेंट कर जरुर बताएं और इस खबर को भी शेयर करे.

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