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पीरियड्स चेक करने के लिए प्रोफेसर ने उतरवाए 70 लड़कियों के कपड़े.. वजह जान हो जाओगे हैरान

लडकियों की माहवारी को लेकर चाहे जितने ही कैंपेन चलाये जाए या इन पे फिल्मे ही क्यों न बना दी जाए लेकिन आज भी देश का कोई न कोई कोना छूट ही जाता है जो अपनी सोच को बदलना ही नही चाहता| पीरियड्स कोई टैबू नहीं बल्कि एक प्राक्रतिक प्रक्रिया है जिसे समझने में आज भी भारत के कई लोगो को दिक्कत आ रही है| कुछ पिछड़े इलाको में इस दौरान लडकियों को अछूत तक समझा जाता है और उन्हें कुछ दिन तक अलग खाना और सोना पड़ता है|source

हाल में एक स्कूल की घटना सामने आई है जिसमे वार्डन ने लडकियों के कपड़े तक उतरवा दिए थे| घटना एक साल पुरानी है लेकिन मुद्दा आज भी ज्यो का त्यों है की आखिर कब तक पीरियड्स को असमान्य समझा जाएगा|

योगी के राज में हुआ लडकियों के कपड़े उतरवाकर जांच

मामला उत्तर प्रदेश का है जहा पे वार्डन ने लडकियों के कपड़े उतरवाकर उनकी जांच की| मुज्जफरनगर के एक विद्यालय में वार्डन को बाथरूम में कुछ खून के धब्बे मिले जिसे देखने के बाद वो महिला वार्डन बौखला गयी| ये जानने के लिए की वो खून के धब्बे किसके है वार्डन ने सभी लडकियों को एक रूम में इकठ्ठा किया और सबके जबरन कपड़े उतरवाए ताकि पता चल सके की किसको माहवारी आई है और खून के निशान किसके है? जब यह बात लडकियों के माता पिता तक पहुची तो उन्होंने इसका जम कर विरोध किया|

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उत्तर प्रदेश, योगी सरकार में मुजफ्फरनगर में वॉर्डन ने 70 लड़कियों के कपड़े उतरवाकर की जांच ??

Posted by Prerna Verma on Friday, March 31, 2017

जांच में सामने आई वार्डन की क्रूरता 

राज्य सरकार ने वार्डन के खिलाफ जांच के आदेश दिए जिसमे सामने आया की वो बेहद क्रूर किस्म की महिला थी| वो अक्सर लडकियों के साथ मार पीट करती थी और उन्हें ब्लैक मेल भी करती थी| एक स्टूडेंट ने बताया की उस वक़्त वहा कोई भी टीचर नही था| सभी लडकियों को अचानक से नीचे बुलाया गया और कपड़े उतारने के लिए कहा गया|source

हैवानियत दिखाते हुए वार्डन देता था धमकी

ऐसा न करने पे उन्हें मारने की धमकी दी गयी जिस कारण उन्हें वार्डन की बात माननी पड़ी|  ज़िला शिक्षा अधिकारी चन्द्रकेश यादव ने कहा कि,

“वो इस मामले में एक्शन ले चुके हैं। पांच सदस्यों की एक टीम बनायी गयी है, जो मामले की जांच कर रही है। वॉर्डन को जल्द ही स्कूल से हटा दिया जाएगा और इस तरह की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

ऐसा करने वाली वार्डन ने कहा कि उसने किसी को कपड़े उतारने को नहीं कहा था। ये स्टाफ़ का षड्यंत्र है। वो उन्हें निकालना चाहते हैं, क्योंकि वो एक स्ट्रिक्ट वॉर्डन हैं।

नोट: पीरियड्स को लेकर ऐसी सोच रखने वाले लोगो को क्या सजा मिलनी चाहिए? आप अपनी राय नीचे कमेंट कर दीजिये और इस खबर को भी शेयर करे.

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