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योगी सरकार में इस मदरसे में बोर्ड पर क्या लिखा है..! पढ़ने भर से ही खिसक जाएगी जमीन

उत्तर प्रदेश में बीजेपी सत्ता में आते ही मदरसों में बदलाव करने का डंका पीट रही थी जिसका नमूना हाल ही में देखने को मिला| योगी सरकार कई दिनों से मदरसों को आधुनिक शिक्षा के अंतर्गत लाने की बात कर रही थी जिसमे मदरसों में अध्यात्मिक पढाई के साथ साथ विज्ञान, अंग्रेजी, गणित आदी की तालीम भी छात्राओ को मिलना जरूरी है|

गोरखपुर का हैं मामला

बात कर रहे है ऐसे मदरसे की जिसका वास्ता योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर से है| गोरखपुर में एक ऐसा मदरसा है जहाँ संस्कृत की पढाई करवाई जाती है| नाम है- दारुल उलूम हुसैनिया जो हाल ही में सुखियो का केंद्र बना| इस मदरसे में संस्कृत पढाई जाती है और यहाँ के छात्र इस भाषा के सिखाये जाने से खुश भी है|

मुस्लिम शिक्षक ही देते है संस्कृत भाषा की तालीम

जब बात देश की एकता और प्रेम की आ जाये तो हिन्दू मुस्लिम वाले साम्प्रदायिकता के चश्मे को उतार कर फेक देना चाहिए| मदरसे में संस्कृत पढ़ाया जाना एक सराहनीय कदम है जिससे हिन्दू मुस्लिम में आपसी मेल बढाने में भी मदद मिलेगी| दरअसल बात यही नही रूकती की यहाँ संस्कृत पढ़ी जा रही है क्योकि इसे पढाने वाले कोई और नही बल्कि मुस्लिम शिक्षक ही है|

मदरसा की लड़कियां संस्कृत के साथ अन्य विषयों की पढ़ाई से बेहद खुश हैं। कहती हैं- संस्कृत पढ़ना हमें अच्छा लगता है। अध्यापक हमें अच्छी तरह से इस बारे में बताते हैं। साथ ही हमारे अभिभावक भी संस्कृत और अन्य विषयों को पढ़ाने में हमारी मदद करते हैं।

मुस्लिम शिक्षक: संस्कृत का हिन्दू या मुस्लिम से कोई सम्बन्ध नही है 

यह मदरसा उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड + के अंतर्गत आता है। यहां पर संस्कृत पढ़ाने के लिए कोई हिंदू शिक्षक नहीं रखा गया है बल्कि मुस्लिम शिक्षक ही संस्कृत पढ़ाते हैं। एक मुस्लिम शिक्षक कहते हैं कि उन्हें स्कूल में खुद संस्कृत में रुचि रही है। अब वह संस्कृत पढ़ा रहे हैं तो उन्हें बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृत एक भाषा है, इसका किसी हिंदू या मुस्लिम से संबंध नहीं।

पढ़ाए जाते हैं सभी विषय

 

मदरसा के प्रिंसिपल कहते हैं, यूपी एजुकेशन बोर्ड के तहत यह एक आधुनिक मदरसा है। यहां सभी विषयों की पढ़ाई होती है। मदरसे में संस्कृत के साथ ही दूसरे विषय भी पढ़ाए जाते हैं। यहां अंग्रेजी, हिंदी, विज्ञान, गणित की भी पढ़ाई होती है। साथ ही छात्रो को अरबी भाषा की शिक्षा भी दी जा रही है।

नोट: दोस्तों क्या ये मदरसा धर्मों से परे एक मिसाल पेश कर रहा है? हमे अपनी राय नीचे कमेंट कर जरुर दें और इस खबर को भी शेयर करे.

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