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बीजेपी का साथ छोड़ शत्रुघ्न सिन्हा ने मिलाया ममता से हाथ, अब सीट सीट पर लड़ेंगे चुनाव

सबको खामोश कर देने वाले शत्रुघ्न सिन्हा ने आज वाकई बीजेपी को खामोश कर ही दिया है क्योकि उन्होंने संकेत दे दिए है की वो अब ज्यादा दिन भाजपा में नहीं रहेंगे| शुरुवात से ही शत्रुघ्न सिन्हा के बोल बीजेपी के पक्ष में नही थे जिसकी वजह हाल ही में उन्होंने सबको बताई| उनके मुताबिक जब से पार्टी की कमान नरेन्द्र मोदी के हाथ में आई है तब से ही उन्हें पार्टी में उतना सम्मान नही मिल रहा जितना पहले मिलता था|source

यहाँ तक उन्होंने पार्टी से अपनी नाराज़गी भी साफ़ ज़ाहिर कर दी है और आने वाला चुनाव, निर्दलीय या किसी दूसरी पार्टी के तरफ से लड़ने की इच्छा भी बता दी है| ये बयान उस समय आये जब शत्रुघ्न सिन्हा हाल ही में ममता बनर्जी से मिले|

ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद मजबूत हुआ बीजेपी छोड़ने का इरादा

सोशल मीडिया में एक तस्वीर इन दिनों जानकर लाइक्स बटोर रही है क्योकि उस तस्वीर में साक्षात शत्रुघ्न और ममता बनर्जी साथ साथ नज़र आ रहे है| आपको बता दे इस मुलाकात से बीजेपी को कमजोर करने की चर्चा तेज़ हुई है| इस दौरान कई और पार्टियों के नेता भी मौजूद थे| तभी शत्रुघ्न ने मीडिया से मुतासिब होते हुए यह कह डाला की वो अब ज्यादा दिन नहीं रहेंगे भाजपा में|source

लेकिन चिंता की बात बीजेपी के लिए सिर्फ यही नही है की वो पार्टी को अलविदा कह रहे है बल्कि यह भी है की वो अपनी पटना साहिब सीट नहीं बदल रहे है| यानी बीजेपी के हाथ से यह सीट खिसकने वाली है|

“अफवाह थी कि मुझे बीजेपी से टिकट नहीं मिलेगा”

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वह अगला चुनाव भी पटना साहिब सीट से ही लड़ेंगे| सिन्हा ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में अच्छे खासे मतों से मैंने जीत दर्ज की थी, इसलिए कोई कारण नहीं बनता कि मुझे टिकट न दिया जाए|

सिन्हा ने बताया कि उनके पास दूसरी पार्टियों के प्रस्ताव भी हैं| उन्होंने कहा कि मेरे लिए इस बात का कोई मतलब नहीं है कि मैं अपनी पार्टी, किसी और पार्टी या निर्दलीय तौर पर जनता की सेवा करूं| सिन्हा ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव (2014) में भी इस तरह की अफवाह थी कि मुझे बीजेपी से टिकट नहीं मिलेगा| लेकिन मुझे टिकट मिल गया. बिल्कुल अंतिम समय में मेरे नाम की घोषणा की गई|

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आडवानी के वर्चस्व पर भी खुलकर बोले शत्रुघ्न सिन्हा

सिर्फ इतना ही नहीं शत्रुघ्न सिन्हा ने लाल कृष्ण आडवानी के वर्चस्व के बारे में भी बताया की कैसे उन्हें पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया, “हमारे मित्र, दार्शनिक और गुरु लाल कृष्ण आडवाणी को देखिए, उन्हीं के नेतृत्व में पार्टी 2 सीटों से बढ़कर 200 सीटों तक पहुंची| वह आज कहां हैं? वह कुछ और हो सकते थे| वह आज पार्टी में बस अभिभावक की तरह हैं|”

नोट: दोस्तों आपको क्या लगता है की क्या शत्रुघ्न सिन्हा इस बार सच में अपना पाला बदल लेंगे? कमेंट में ज़रूर बताइए!

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