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सुब्रमण्यम स्वामी ने खोला बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ मोर्चा, बीजेपी छोड़ थाम सकते हैं इस पार्टी का हाथ

बीजेपी में आपसी मतभेद अब तेज़ी से बढ़ रहे है क्योकि इस बार जिन नेता ने पार्टी के निर्णय के खिलाफ बोला है वो पार्टी में बहुत ही अहम भूमिका निभाते है| बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने  23 दिनों की सैलरी न लेने के एनडीए के फैसले का समर्थन नही किया| 23 दिनों तक चलने वाले बजट सत्र में एनडीए और बीजेपी के सांसदों ने सैलरी लेने से साफ़ इनकार कर दिया है|source

लेकिन इस फैसले से सुब्रमण्यम स्वामी और बीजेपी सहयोगी शिवसेना कुछ खफा खफा से नज़र आ रहे है| सुब्रमण्यम स्वामी बीजेपी के सबसे लोकप्रिय नेता है और उनका पार्टी के खिलाफ बोलना या उसके निर्णय का समर्थन न करना काफी कुछ बयाँ करता है|

सुब्रमण्यम स्वामी ने किया मोदी के फैसले का विरोध

स्वामी ने कहा ‘मैं सदन में राष्ट्रपति का प्रतिनिधि हूं और जब तक वह ऐसा नहीं कहेंगे, मैं वेतन लेने से इनकार नहीं कर सकता हूं।’ सैलरी न लेने का फैसला सांसदों ने इसलिए लिया क्योकि संसद ठीक से नही चल रही थी| इस फैसले पर स्वामी ने कहा की वो तनखा ज़रूर लेंगे| वो आगे कहते है की ‘मैं रोजाना संसद जाता था, अगर संसद नही चला तो इसमें मेरी गलती नही|source

स्वामी के साथ साथ बीजेपी सहयोगी शिवसेना भी पार्टी के फैसले से नाखुश नज़र आई| शिवसेना का कहना है की सदन चलाना सरकार की ज़िम्मेदारी है| बहरहाल, पार्टी का यह फैसला उनके अपने ही सांसदों और नेताओ में रोष पैदा कर रहा है|

बीजेपी ने सदन न चलने का कसूरवार ठहराया कांग्रेस पार्टी कोsource

जब बात अपने पर आती है तो अक्सर पार्टिया इसका ठीकरा अपने विरोधियो पर ही फोडती है कुछ ऐसा ही किया बीजेपी के नेता अनंत कुमार ने| अनंत कुमार ने कहा की ‘ ऐसा उनके अलोकतांत्रिक रवैये की वजह से हुआ कि एक भी दिन संसद में काम नहीं हो सका। कुमार ने कहा कि हम सभी मुद्दों पर बात करने को तैयार थे लेकिन वो सदन को चलने ही नहीं दे रहे थे। अनंत कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने महत्वपूर्ण बिलों को पारित होने से रोका है। जिससे करदाता के पैसे का ‘आपराधिक अपव्यय’ हो गया है।’

लेकिन सुब्रमण्यम स्वामी अड़े हुए है अपनी मांग पेsource

जिस सैलरी का जिक्र हम बार बार कर रहे है, दरअसल ये जनता की सेवा के बदले मिलती है| क्योकि सदन में कोई कामकाज नही हुआ जिस वजह से जनता को यह दिखाने के लिए की ये काम विपक्ष का है अपनी तनखा लेने से साफ़ इनकार कर दिया| स्वामी ने कहा.

‘मेरी पार्टी की ओर से सदन में कोई हंगामा नहीं किया फिर हम क्यों अपना वेतन-भत्ता छोड़ें दें। संसद से जाने के अलावा हम अपने संसदीय क्षेत्र में भी काम करते हैं।’

नोट: दोस्तों  आपको क्या लगता हैं स्वामी  को बीजेपी छोड़ देनी चाहिए? हमे अपनी राय नीचे कमेंट कर जरुर दें और इस खबर को शेयर भी करे.

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