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सालों से अडिग खड़ा ताजमहल हुआ शत्रिग्रस्थ, आधी से गिरी मुख्य दीवारें

पिछले कुछ दिनों से मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिले है| राजधानी दिल्ली में तो आंधी और बारिश का आलम रहा जिसने गर्मी से जूझ रहे लोगो का मूड बदल दिया| लेकिन कुछ जगहों में तो इस बदलते मौसम ने विकराल रूप ले लिया और इमारत समेत पेट पौधों को भी नुक्सान पहुचाया| बात कर रहे है उत्तर प्रदेश के आगरा मथुरा इलाके की जहाँ तूफ़ान ने ऐतिहासिक इमारत ताजमहल को क्षति पहुचाई|source

आगरा में स्थित ताजमहल का गेट का पिलर गिर कर नष्ट हो गया और साथ ही वहा पे कुछ पेड़ पौधे भी गिर गये| इस दौरान किसी भी व्यक्ति को हानि नही पहुची| तस्वीरो में आप इस दुर्घटना को बखूबी देख सकते है|source

भीषण आंधी से गिरा ताजमहल का दरवाजा ‘दरवाजा ए रौजा’

विश्व के आठवे अजूबे के रूप में प्रसिद्ध ताजमहल हाल ही में आंधी तूफ़ान की चपेट में आ गया| पिछली रात पूरे आगरा मथुरा क्षेत्र में आंधी बारिश का भयंकर दौर चला| कुछ लोगो के घायल होने की खबरे भी सामने आई| इसके अलावा चर्चा का विषय बना ताजमहल जिसका मेन गेट का पिलर गिरकर नष्ट हो गया| हालाँकि इस घटना ने वहा मौजूद किसी भी व्यक्ति को घायल नही किया|

तेज़ कवरेज की खार के मुताबिक जो दरवाजा को नुक्सान पहुचा है उसे ‘दरवाजा ए रौजा’ भी कहा जाता है| यह ताजमहल के मेन गेट के पास स्थित है। इस दरवाजे का एक 12 फीट ऊंचा पिलर नीचे आ गिरा। मेटल और पत्थर से निर्मित इस पिलर के नीचे गिरने से उसका गुंबद टुकड़कर बिखर गया।source

यह वही शाही दरवाजा है जिससे यहां आने वाले पर्यटकों को ताजमहल की एतिहासिक वास्तुकला की पहली झलक मिलती है। पिलर के गिरने के अलावा तेज आंधी से यहां कई पेड़ भी गिर गए। आंधी में हवा की रफ्तार 100 किमी प्रतिघंटा बताई गई है।

उल्लखनीय है कि मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा बनवाए गए इस अनूठे शाहकार से आकर्षित होकर पूरी दुनिया से पर्यटक इसे निहारने के लिए आते हैं। यह भारत के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है और इसकी खूबसूरती का विवरण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है|

हालाँकि ताजमहल कई बार विवादों में भी घिरा रहा, जहाँ कुछ लोग इसे हिन्दू मंदिर होने का दावा करते है|

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