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वरुण का जागा ‘गाँधी परिवार प्रेम’, जल्द छोड़ सकते हैं बीजेपी..!

अगले लोकसभा चुनाव आने में अब बस कुछ ही वक़्त शेष रह गया है जिसमे बीजेपी आंतरिक समस्याओ में धसती नज़र आ रही है| ये वो समस्याए है जिसमे बीजेपी के अपने ही उनके खिलाफ सुर अलापते हुए नज़र आ रहे है| इन दिनों बीजेपी के जिस नेता की चर्चा चारोओर हो रही है वो है सुल्तानपुर से सांसद वरुण गांधी|

वरुण गांधी इन दिनों अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर थे जिस दौरान वो योगी सरकार पे चुटकी लेते नज़र आये| सीधे तौर पर उन्होंने कोई निशाना नही साधा लेकिन वरुण ने इशारे इशारे में अपनी भावनाए ज़ाहिर कर ही दी| ऐसे में अटकले लगाई जा रही हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले वो बीजेपी छोड़ सकते हैं.

वरुण ने योगी सरकार को लेकर कहा- ‘पता नहीं कब किस्मत खुल जाए’

अपने तीन दिन के दौरे में वरुण गांधी ने बीच बीच में केन्द्रीय सरकार को लेकर कई तंज कसे| उनके निशाने में योगी सरकार और मोदी दोनों ही थे| यहाँ दर्जनों जनसभाओ को सम्बोधित करते हुए उन्होंने योगी सरकार को लेकर एक बात कही| वे कहते है- हमें बाबाओं को अहमियत देनी चाहिए, पता नहीं किस्मत कब खुल जाए|

बाबाओ से उनका अर्थ साफ़ योगी आदित्यनाथ और उनके कामकाज को लेकर ही था| पार्टी में होते हुए भी वरुण गाँधी कभी भी पार्टी की झूठी वकालत नही किया करते और न ही गलत के बचाव में सामने आते|

‘मुझे तो बाबा होना चाहिए था’ वरुण गाँधी

बता दे, इससे पहले भी बीजेपी सांसद ने जयसिंहपुर विधानसभा के सेमरी बाजार की जनसभा में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते नज़र आये जिसमे वे कहते है की मुझे तो बाबा होना चाहिए था| सिर्फ इतना ही नही, हाल ही में जब यूपी उपचुनावों में बीजेपी गोरखपुर सीट हार गयी तब से ही योगी आदित्यनाथ के कामकाज को लेकर सवाल खड़े होने लग गये थे|

वरुण गांधी अपनी सीट का हवाला देते हुए कहते है की सुल्तानपुर मेरी कर्मभूमि ही नहीं बल्कि ऊंची राजनीति की प्रयोगशाला है। इसमें जात-पांत, ऊंच-नीच व धर्म संप्रदाय का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीति में बुनियादी मुद्दों पर बात होनी चाहिए| वर्त्तमान समय में राजनीति में दिखावा आ गया है। पहले लोग शिक्षा की पूजा करते थे। आज धन-बल के पूजक बनते जा रहे है. हम निराशाजनक नहीं बल्कि आशावादी राजनीति के हिमायती हैं।

रही बात वरुण के कांग्रेस में शामिल होने के तो ऐसा माना जाता है की बहन प्रियंका गाँधी से वरुण के रिश्ते आज भी मधुर है और सार्वजनिक तौर पे राहुल गांधी या प्रियंका गाँधी उन पर कोई टिप्पड़ी नही करते|

नोट:दोस्तों क्या बीजेपी छोड़कर वरुण ने सही किया? हमे अपनी राय नीचे कमेंट कर जरुर बताएं और इस कहबर को भी शेयर करे.

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